भारत और चीन की सीमा पर दबाव के बाद भारतीय वायुसेना में शामिल हुए 5 राफेल विमान

भारत और चीन की सीमा पर दबाव के बाद भारतीय वायुसेना में शामिल हुए 5 राफेल विमान
▶️भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) में शामिल हुए 5 राफेल विमान (Rafale Viman), अंबाला एयरफोर्स स्टेशन (Ambala Air Base) में होगी लैंडिंग
▶️29 जुलाई को होंगे राफेल विमान (Rafale Viman In Indian Airforce) भारतीय वायु सेना में शामिल
▶️लद्दाख सेक्टर (Ladakh Sector) में होगी राफेल विमानों की तैनाती, सुरक्षा के किए गए कड़े इंतजाम

भारत और चीन सीमा (Bharat-Chin Seema Vivad) पर हो रहे विवादों के चलते भारतीय वायु सेना (Indian Airforce) में 5 और घातक राफेल (Rafale Viman) जोड़े गए हैं। विमानों ने फ्रांस से भारत की ओर उड़ान भर ली है। आपको बता दें कि पहले ये विमान मई में भारत पहुंचने वाले थे लेकिन कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते इसे समय पर भारत नहीं लाया गया।

Indian Airforce: अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर हो रही हैं तैयारियां

सूत्रों के अनुसार फ्रांस से उड़ान भरने के बाद ये विमान अंबाला स्थित एयर फोर्स स्टेशन (ambala airforce base) पर लैंड करेंगे। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सीमा पर बढ़ता तनाव साफ नजर आ रहा है। दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे के सामने हैं, और भारत ने साफ कर दिया है कि वह चीन की सीनाजोरी कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। इस स्थिति में राफेल विमान (Rafale Viman) के आने से भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) की ताकत में जबरदस्त वृद्धि होगी।

अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा के आदेश

आपको बता दें कि शुरुवात से ही अंबाला एयरफोर्स स्टेशन (ambala airbase) दुश्मनों के निशाने पर रहा है। रणनीति और क्षमता की नजर से अंबाला एयर फोर्स (Ambala Airforce Base) स्टेशन उत्तर भारत का सबसे महत्त्वूर्ण स्टेशन है। इस एयर फोर्स स्टेशन पर पहले से ही लड़ाकू विमान जगुआर (fighter Plane Jaguar) और मिग–21 बॉयसन की स्क्वाड्रन (Squarden Of MIG-21 Byson) मौजूद है। वहीं अब चौथे और नवीनतम फाइटर जेट राफेल (Fighter Jet Rafale) की स्क्वाड्रन भी यहां तैयार कर दी गई है।

Indian Airforce: 1965 में हुआ था अंबाला एयर बेस पर हमला

आपको बता दें कि 1965 की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान एयरफोर्स ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन (Ambala Airforce Base) को निशाना बनाते हुए यहां पर बम गिराए थे। मगर निशाना चूक और बम एयरफोर्स स्टेशन के बिल्कुल साथ सटे पॉल चर्च और अंग्रेजो के ज़माने के सरहद क्लब पर जा गिरे।

Indian Airforce Rafale Viman

ग्लोबमास्टर ओर चिनूक की गतिविधियां बढ़ी

अब क्योंकि राफेल (Rafale Viman) अंबाला आ रहा है और भारत का सम्बंध पाकिस्तान के साथ- साथ चीन के साथ भी तनाव पूर्ण है। ऐसे में भारतीय वायुसेना अथॉरिटी (Indian Airforce Authority) के लिए राफेल की सुरक्षा बड़ी चुनौती है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि पूरे इलाके को नो ड्रोन जोन (No Drone Zone) घोषित करना जंगी विमानों की सुरक्षा संबंधी मसला है। और यहां किसी को बिना परमीशन घुसने की आज्ञा नहीं है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसको देखते ही गोली मारने का आदेश है। बता दें कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन (Ambala Air Base) पर फिलहाल चिनूक और ग्लोबमास्टर हैलीकॉप्टर (Chinuk & GlobeMaster Helicopter) व विमान की गतिविधियां भी बढ़ा दी गई है। इन दोनों चिनूक और ग्लोबमास्टर के साथ-साथ एन,-32 विमान (N-32 Viman) भी अंबाला में एक्सरसाइज कर रहा है।

क्या हैं राफेल कि खासियत

  1. राफेल (Rafale Viman) दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो इंडियन एयरफोर्स (Indian Airforce) की पहली पसंद है। इस विमान को हर तरह के मिशन पर भेजा जा सकता है।
  2. राफेल अत्याधुनिक हथियरों से लैस है। ये प्लेन के साथ मेटेअर मिसाइल भी है। विमान में फ्यूल क्षमता 17,000 किलोग्राम है।
  3. राफेल हवा से जमीन पर मार वाली scalp missiles से लैस है।
  4. राफेल की अधिकतम स्पीड 2,130 किमी घण्टा है। बताया जा रहा है कि राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है।
  5. यहां आपको ये भी जानना जरूरी हो जाता है की राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है।

लद्दाख में होगी राफेल की तैनाती

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Viman) को पूर्वी लद्दाख सेक्टर (Eastern Ladakh Sector) में तैनात किए जाने की संभावना है जिससे कि भारतीय वायु सेना (Indian Airforce) चीन साथ विवाद के मद्देनजर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी अभियांगत क्षमताओं को मजबूत कर सके। सूत्रों के अनुसार राफेल विमानों (Rafale Viman Wikipedia) के आने से वायुसेना की लड़ाकू क्षमताओं में और वृद्धि होगी।

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Omkar Bhaskar

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