उत्तर प्रदेश: बलरामपुर में 22 वर्षीय दलित लड़की के साथ गैंगरेप, मरने से पहले मां से बोली-‘बहुत दर्द है, अब बचूंगी नहीं’

उत्तर प्रदेश: बलरामपुर में 22 वर्षीय दलित लड़की के साथ गैंगरेप, मरने से पहले मां से बोली-‘बहुत दर्द है, अब बचूंगी नहीं’
▶️ यूपी के बलरामपुर में दोस्ती करने के बहाने दलित लड़की के साथ गैंगरेप
▶️ रेप के बाद लड़की की हुई मौत, दोनों आरोपीयों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
▶️ अखिलेश यादव बोले, बलरामपुर में हाथरस जैसी घटना, कड़ी कार्रवाई हो, विपक्षियों ने योगी सरकार से मांगा इस्तीफा

यूपी के हाथरस में दलित युवती के साथ जिस तरह दरिंदगी और हैवानियत हुई थी। उस सदमे में पूरा देश डूबा हुआ था। संपूर्ण देश के लोगों के मन में केवल एक ही इच्छा की हाथरस जैसी घटना भविष्य में कभी ना दोहराई जाए। लेकिन हेवानों की इस देश में कमी कहा! हाथरस की तरह ही यूपी के बलरामपुर से दरिंदगी की घटना सामने आई है।

अब बलरामपुर बना हाथरस

उत्तर प्रदेश राज्य के हाथरस की घटना से लोगों का उबाल कम भी नहीं हुआ था कि ठीक उसी तरह की घटना, उसी राज्य में बुधवार को घटित होती है। बलरामपुर के गैसड़ी में युवती निजी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए घर से निकलती है। रास्ते में दो युवकों द्वारा उसे दोस्ती करने के बहाने बुलाकर उसका सामूहिक बलात्कार किया गया। जिसके बाद गंभीर स्थिति में किसी तरह युवती घर पहुंची। जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

पूरा मामला समझिए- शुरुआत से अंत तक

मामला उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। मंगलवार सुबह 10 बजे इसी गांव की एक दलित युवती घर से यह कहकर निकलती है कि वह एक निजी कॉलेज में दाखिले के लिए जा रही है। 

डीएम की जानकारी के मुताबिक, देर शाम गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र में छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि छात्रा एक युवक के साथ एडमिशन के लिए कॉलेज गई थी। कॉलेज में एडमिशन के बाद युवा उस छात्रा को अपने घर ले गया। जिसके बाद एक कमरे में युवक और उसके चाचा ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। 

छात्रा की हालत गंभीर होने पर दोनों ने उसे रिक्शे में बैठाकर घर भेज दिया। जिसके बाद छात्रा के परिजनों द्वारा उसे जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस द्वारा युवक साहिल और चाचा शाहिद के खिलाफ पुलिस द्वारा केस दर्ज कर दिया गया है। दोनों ही पुलिस की गिरफ्त में है।

मां से बोली,‘बहुत दर्द है, अब नहीं बच पाऊंगी’

पीड़ित छात्रा की मां का आरोप है कि आरोपियों द्वारा बेटी को पहले इंजेक्शन लगाया गया। जिसके बाद उसके साथ दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया। मां ने यह भी कहा, घटना को अंजाम देने के बाद कमर और टांगे दोनों तोड़ने के बाद उसे रिक्शा में बैठा कर घर भेज दिया गया। मां ने बताया कि वह बिल्कुल बोल नहीं पा रही थी। अंत में बस उसने यह कहा कि, “बहुत दर्द है, अब नहीं बच पाऊंगी।”

समाज को जागरुक करती थी छात्रा

जो छात्रा जघन्य अपराध का शिकार हुई हैं। वह एक मेधावी छात्र थी। छात्रा करीब 2 साल पहले से एक संस्था के साथ जोड़कर किसानों को आधुनिक खेती करने के तरीकों से जागरूक कर रही थी।

सीएम योगी के इस्तीफे की मांग

बीते कुछ ही दिनों में उत्तर प्रदेश में सामने आई इन दोनों घटनाओं के बाद विपक्षी और जनता द्वारा सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, “हाथरस के बाद बलरामपुर में छात्रा के साथ जघन्य अपराध हुआ। बीजेपी सरकार मामले में हाथरस जैसी लापरवाही और लीपापोती ना करें और त्वरित कार्रवाई हो।”

कांग्रेस के सांसद पीएल पुनिया ने ट्वीट करते हुए लिखा, यह क्या हो रहा है प्रदेश में, सरकार कुछ कर नहीं  रही है, प्रशासन दर्शक बन कर घटनाओं को केवल देख ही रहा है।

समाज और शासन की वर्तमान सच्चाई तो यही है कि कुछ साल पहले निर्भया के साथ दरिंदगी, कुछ दिन पहले हाथरस, अब बलरामपुर और ना जाने प्रत्येक दिन कितनी बेटियों के साथ दरिंदगी होती है। समाज के लोग संवेदना प्रकट करने के लिए व्हाट्सएप और फेसबुक पर स्टेटस लगा देते हैं और ज्यादा से ज्यादा एक दिन मोमबत्ती जलाकर सड़कों पर उतर जाते हैं। प्रशासन का न्याय तो बड़ी-बड़ी फाइलों के बीच ही दब कर रह जाता है। समाज और शासन की यही स्थिति रही तो आने वाले समय में निर्भया, हाथरस, बलरामपुर जैसी घटनाएं होती रहेंगी!

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Manoj Thayat

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